Income Tax Slab Rates FY 2025-26 (AY 2026-27): New vs Old Regime Comparison in Hindi
Applicable
for Assessment Year 2026-27
परिचय
वित्त वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च
2026 तक) के लिए आयकर स्लैब और दरों का निर्धारण सरकार द्वारा किया जाता है। यह स्लैब करदाताओं की आय पर लागू होते हैं और आकलन वर्ष 2026-27 (Assessment Year 2026-27) में इन आधार पर आयकर रिटर्न दाखिल किया जाता है।
भारत में करदाताओं के लिए दो प्रकार के टैक्स रिजीम उपलब्ध हैं – नया टैक्स रिजीम और पुराना टैक्स रिजीम। नया रिजीम सरल स्लैब और कम छूटों के साथ आता है, जबकि पुराना रिजीम अधिक डिडक्शन्स और छूटों के विकल्प प्रदान करता है।
इस दस्तावेज़ में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दोनों टैक्स रिजीम के स्लैब, दरें, छूट
और डिडक्शन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है ताकि आप अपने लिए सही विकल्प चुन सकें।
नया टैक्स रिजीम (New Tax Regime) – FY 2025-26
(AY 2026-27)
|
आय (₹) |
टैक्स दर |
|
0 – 4 लाख |
0% |
|
4 – 8 लाख |
5% |
|
8 – 12 लाख |
10% |
|
12 – 16 लाख |
15% |
|
16 – 20 लाख |
20% |
|
20 – 24 लाख |
25% |
|
24 लाख से ऊपर |
30% |
• स्टैंडर्ड डिडक्शन: ₹75,000
• टैक्स छूट (Section 87A
Rebate): ₹12 लाख
तक की आय पर पूरी टैक्स छूट (यानी टैक्स ₹0)
• सीमित डिडक्शन और छूट, पर टैक्स स्लैब अधिक सरल
हैं।
पुराना टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) – FY 2025-26
(AY 2026-27)
सामान्य करदाता (60 वर्ष से कम)
|
आय (₹) |
टैक्स दर |
|
0 – 2.5 लाख |
0% |
|
2.5 – 5 लाख |
5% |
|
5 – 10 लाख |
20% |
|
10 लाख से ऊपर |
30% |
वरिष्ठ नागरिक (60-80 वर्ष)
|
आय (₹) |
टैक्स दर |
|
0 – 3 लाख |
0% |
|
3 – 5 लाख |
5% |
|
5 – 10 लाख |
20% |
|
10 लाख से ऊपर |
30% |
अति वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष से ऊपर)
|
आय (₹) |
टैक्स दर |
|
0 – 5 लाख |
0% |
|
5 – 10 लाख |
20% |
|
10 लाख से ऊपर |
30% |
• डिडक्शन और छूट: धारा 80C (₹1.5 लाख तक), 80D, HRA,
LTA, होम
लोन
ब्याज, स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000
• टैक्स छूट (Section
87A): ₹5 लाख
तक की आय पर ₹12,500 की छूट
नया बनाम पुराना टैक्स रिजीम – तुलना तालिका (FY 2025-26 | AY 2026-27)
|
मापदंड |
नया टैक्स रिजीम (FY
2025-26 | AY 2026-27) |
|
टैक्स स्लैब |
7 स्लैब, ज्यादा बारीकी | 4 स्लैब, सरल |
|
स्टैंडर्ड डिडक्शन |
₹75,000 | ₹50,000 |
|
डिडक्शन/छूट |
सीमित |
व्यापक (80C, 80D, HRA, आदि) |
|
टैक्स छूट (87A) |
₹12 लाख तक पूरी छूट | ₹5 लाख तक छूट |
|
टैक्स फाइलिंग सरलता |
अधिक सरल | थोड़ी जटिल |
💬 सबके मन का सवाल…
1.
सबके मन का एक ही सवाल – नया टैक्स रिजीम चुनें
या पुराना? इस ब्लॉग ने उम्मीद से ज़्यादा
क्लियर किया होगा!
2. “हर साल यही सोचते हैं – नया टैक्स रिजीम लें या पुराना? जवाब इस बार पक्का मिल जाएगा!”
3. “मन में सवाल तो सबके हैं, पर जवाब सिर्फ वही
ढूंढता है जो समझदारी से प्लान करता है!”
4. “आपका भी मन कहता होगा – कटौती चाहिए या सीधी सादी गणना? यही है इस ब्लॉग का फोकस!”
निष्कर्ष
• यदि आपकी आय ₹12 लाख से कम या थोड़ा ऊपर है और आप सरलता पसंद करते हैं, तो नया
टैक्स रिजीम बेहतर विकल्प है।
• यदि आप निवेशों से डिडक्शन का लाभ उठाते हैं तो पुराना टैक्स रिजीम आपके लिए उपयुक्त होगा।
• तो दोस्तों, टैक्स भरना सिरदर्द नहीं, समझदारी का काम
है।
नया टैक्स रिजीम हो या पुराना, फैसला आपका — बस जानकारी पक्की होनी चाहिए।
• उम्मीद है आपको ये ब्लॉग पसंद आया होगा और इसमें दी गई जानकारी ने आपकी उलझनों को थोड़ा आसान किया होगा।
• अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई हो, तो नीचे कॉमेंट करके बताइए, और अपने दोस्तों के साथ शेयर ज़रूर करें — क्योंकि टैक्स की बात सबके काम की बात होती है!
आपका सपोर्ट ही हमारी सबसे बड़ी कमाई है! फिर मिलते हैं
एक और ज़रूरी फाइनेंस टॉपिक के साथ तब तक के लिए, कमाओ भी और समझदारी से टैक्स भरो भी!

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